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मेरा परिचय



नमस्ते!
मैं यशवन्त
यश ( यशवन्त राज बली माथुर) संप्रति स्वरोजगाररत एवं लिखने में रुचि रखता हूँ.  जन्म से ले कर जीवन के 22 वर्षों तक आगरा में रहा वहीं से (डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी ) प्रथम श्रेणी में बी.कॉम (वर्ष 2005 में) भी पास किया लेकिन जीवन आता जाता रहता है कुछ बिछड़ते हैं कुछ नये मिलते हैं; सत्य किन्तु  कड़वे अनुभवों के कारण उस शहर को छोड़ने का हर पल मन होता था.नौकरी की शुरुआत भी वर्ष 2006 में वहीं से हुई.बिग बाजार से. लेकिन मौका देख कर आगरा से मेरठ पी वी एस मॉल,फिर कानपुर(किदवई नगर) ट्रांसफर लेता गया और फिर कुछ व्यक्तिगत कारणों से  लगभग 3 वर्ष 11 माह के अनुभव के साथ  मई 2010 में  इस पहली और आखिरी नौकरी से कानपुर में ही रिजाइन कर दिया.अब घर पर एक छोटा सा साइबर कैफे ही आय का साधन है.

जहाँ तक लिखने की बात है मैं 6 वर्ष की उम्र से लिख रहा हूँ.सच कहूँ तो पापा (श्री विजय माथुर) को लिखते देख कर मैंने लिखना सीखा है.वो लेख लिखते रहते थे जो प्रकाशित भी होते थे मेरे मन में आया कि मैं कवितायेँ लिखुंगा और उन्होंने मुझे इसके लिये प्रेरित भी किया और आज भी अच्छा लिखने को प्रेरित करते हैं.समय समय पर साप्ताहिक समाचार पत्रों और त्रैमासिक पत्रिका में मेरी कवितायेँ प्रकाशित भी हो चुकी हैं.फिलहाल मेरा यह ब्लॉग(http://jomeramankahe.blogspot.com) मेरी अभिव्यक्ति का एक मात्र साधन  है.

लिखने  के अतिरिक्त इंटरनेट पर नये सोफ्ट्वेयरस की खोज,फोटोग्राफी और अच्छा संगीत सुनने का बहुत शौक है.संगीत कोई भी हो बस मुझे अच्छा लगना चाहिये फिर चाहे गानों की भाषा मैं खुद भी समझ पाऊं या नहीं.

नौकरी छोड़ने के बाद कभी आर.जे.बनना चाहता था क्योंकि कुछ लोगों ने उकसा दिया था कि मेरी आवाज़ अच्छी है. अपनी आवाज़ के नमूने भी भेजे थे पर घर के हेड फोन से रिकॉर्ड होने के कारण मेरी आवाज़ शायद प्रभावित नहीं कर पायी।

अब  जीवन में ख्वाहिश  सिर्फ और सिर्फ एक अच्छा इंसान बनने की है ,एक मुकाम हासिल करने की है ;प्रयास ज़ारी हैं.

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19 comments:

  1. आपका यह प्रयास सार्थक हो रहा है ... अनंत शुभकामनाओं के साथ बधाई ।

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  2. आपके सार्थक प्रयास का प्रतिफल है ..सदा जय हो आपकी ..अनंत शुभ कामनाएं ..सादर अभिनन्दन !!!

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  3. आपके बारे में इतना विस्तार से जानना अच्छा लगा......शुभकामनायें.

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  4. अपने बारे में बहुत प्रयास करके ही कोइ इमानदारी से
    सकता है |
    बेवाक प्रस्तुति |
    आशा

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  5. जीवन में यूं ही सफलता प्राप्त करते रहें। शुभकामनाएं।

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  6. जीवन में यूं ही आगे बढ़ते रहें। शुभकामनाएं।

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  7. आज आपके बारे में विस्तार से पढ़ा-देखा,सुना और समझने का यत्न किया.
    जीवन के संघर्षों ने यही सिखाया है आगे बढ़ो बस बढ़ते ही चलो...
    जितना ही जीवट उतना ही आसान मुकाम...
    अपने सपनों को पंख लगाये आगे की राह बनाये...
    अतीत के झरोखों से निकल के वर्तमान के ठोस,कठोर और रेतीले मरुभूमि पर अपनी मंजिल की तलास जारी रखें...
    ये हार्दिक शुभकामना है...

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  8. आप बहुत अच्छो हैं।

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  9. आपके बारे में जानकार ख़ुशी हुई. मेरा मानना है की व्यक्ति जहाँ हो जैसे भी हो बस अच्छा करने की कोशिश करते रहना चाहिए, जीवन में कुछ सकारात्मक करना चाहिए.

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  10. impressive.....aapke vare mein vistar se padha. padh ke ek nayi prerna jagi.bas is kshetra mein main bhi kuch karna chahta hun. aapke margdarshan ki aavshyakta hai.

    dhanyavaad.....

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  11. Rajneesh BarmaiyaWed Jun 13, 11:33:00 am

    तेज जगे तेजस्वी हों,
    मन खिल जाये मनस्वी हों,
    प्राण बढ़ें ओजस्वी हों,
    जहाँ रहें वर्चस्वी हों।

    हार्दिक शुभकामनायें...

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  12. आप के बारे में पढ़कर बहुत खुशी हुई।

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  13. good one yashwant ,aaj kuch aur jana tumhen ,big bazaar ke baad aaj pahli baar tere baare main pada ,
    good going keep up

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  14. सुंदर प्रस्तुति...
    मुझे आप को सुचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी का लिंक 28-06-2013 यानी आने वाले शुकरवार की नई पुरानी हलचल पर भी है...
    आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाएं तथा इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और नयी पुरानी हलचल को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी हलचल में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान और रचनाकारोम का मनोबल बढ़ाएगी...
    मिलते हैं फिर शुकरवार को आप की इस रचना के साथ।
    जय हिंद जय भारत...
    मन का मंथन... मेरे विचारों कादर्पण...

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  15. जानने पहचानने के बाद भी , जानना अच्छा लगा
    हार्दिक शुभकामनायें

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  16. आप के विषय में यह सब जानने से पहले ही आपकी निस्वार्थ सहायता व ज्ञान को साझा करने की प्रवृत्ति ने प्रभावित कर दिया था , ईश्वर करें आप जीवन में स्वयं तय किए मापदण्डों पर खूब सफल हों ।

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