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01 March 2012

बीता हुआ कल हूँ

मैं आज नहीं
बीता हुआ कल हूँ
बीते हुए कल का
एक यादगार पल हूँ
कुछ खट्टा
कुछ मीठा
कुछ तीखा
कुछ कडुआ
जानता हूँ
मेरे एक हिस्से को
चाहोगे तुम
सहेज कर रखना
और एक हिस्से को
चाहोगे करना ज़ुदा
अपने मन से
मगर
रह रह कर
कराता रहूँगा एहसास
तुम्हारी ताकत का
कमजोरी का
क्योंकि
मैं आज नहीं
बीता हुआ कल हूँ

56 comments:

  1. बीते हुए कल से कितना कुछ सीख सकते हैं ...आने वाले कल के लिए...
    उम्दा प्रस्तुति..

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  2. कल के दिनों को शब्दों के भावों में बड़ी खूबसूरती गांठ रखी है...
    बेहतरीन..

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  3. बहुत खूब कहा है यशवंत जी, बीता हुआ कल बीत कर भी हर पल अपनी मौजूदगी का अहसास करता रहता है ...... सुन्दर अभिव्यक्ति!

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  4. शानदार .....अपनी ही एक कविता याद आ गई ...लिंक दे रहा हूँ शायद पसंद आये ...
    http://azeemkikavitaayen.blogspot.in/2011/12/blog-post_06.html

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  5. सशक्त रचना ......बधाई यशवंत जी ..../

    "मगर /रह रह कर /कराता रहूँगा एहसास "........
    एहसास बाकी रहना चाहिए ....बस

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  6. बढ़िया है पोस्ट......पर बीते हुए कल से निकलना ज़रूरी है क्योंकि आज भी बहुत जल्द कल में बदल जाने वाला है ।

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  7. मेरे एक हिस्से को
    चाहोगे तुम
    सहेज कर रखना
    और एक हिस्से को
    चाहोगे करना ज़ुदा
    सटीक कथन ...
    अच्छाई बुराई से भरा ये मन ...कुछ अच्छा हर इंसान के पास होता ही है जिससे हम ताकत ले सकें ...!!

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  8. क्या बात है...
    बीता हुआ पल अपना अस्तित्व खोता नहीं है कभी भी...

    मेरे ब्लॉग में आने के लिए आपका शुक्रिया.

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  9. sach kaha..chahkar bhi beete huye palo se naata nahin tod sakte,...vo rah rah kar yad aa hi jate hai

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  10. बहुत सुन्दर भाव हैं यशवंत..
    सच है बीता कभी बीतता नहीं है...
    सस्नेह.

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  11. बीते हुआ कल लौट कर नही आता,अतीत के अनुभव आज जीने का रास्ता बताते है,...
    बहुत अच्छी रचना के लिए बधाई,...

    NEW POST ...फुहार....: फागुन लहराया...

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  12. jo aaj hai wah kal ho jaata hai...
    बीते हुए कल का
    एक यादगार पल हूँ
    ..sach achhe se din din beet jaay aur kya chahiye hota hai..
    bahut sundar sarthak rachna..

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  13. बहुत ही अच्छी लगी..

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  14. बीता हुआ पल कुछ भूलने नहीं देता , ना अच्छा , ना बुरा !
    यूँ तो बुरे को भूल जाना ही बेहतर है !

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  15. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

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  16. bahut sundar rachna sirji.. beetey hue pal yaad naa rakhein jaayein to aane wale palo mein mushkilein badh jaati hain...

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  17. आज भी याद है.... वो बीता हुआ कल...... बहुत सुंदर रचना ...

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  18. क्योंकि
    मैं आज नहीं
    बीता हुआ कल हूँ waah....

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  19. बहूत हि सुंदर
    सशक्त रचना है...
    बेहतरीन भाव अभिव्यक्ती....:-)

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  20. यही तो मुश्किल है,और यही सच भी !

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  21. बीता हुआ पल हर पल साथ रहता है और सिखाता है जीवन जीना... सुन्दर अभिव्यक्ति

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  22. कल की खूबी-खामियाँ, रखो बाँध के गाँठ ।

    विश्लेषण करते रहो, उमर हो रही साठ ।

    उमर हो रही साठ, हुआ सठियाना चालू ।

    बहुत निकाला तेल, मसल कर-कर के बालू ।

    दिया सदा उपदेश, गम भी थोड़ा खा मियाँ ।

    देत खामियाँ क्लेश, कल की खूबी ला मियाँ ।।



    दिनेश की टिप्पणी - आपका लिंक

    http://dineshkidillagi.blogspot.in

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  23. शुक्रवारीय चर्चा मंच पर आपका स्वागत
    कर रही है आपकी रचना ||

    charchamanch.blogspot.com

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  24. 'आदमी जो कहता है, आदमी जो सुनता है...जिंदगी पर वो सदायें पीछा करती हैं'.....एकदम सच्ची बात....

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  25. संभाल कर रखें , सुंदर अच्छी लगी रचना .....

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  26. "मगर
    रह रह कर
    कराता रहूँगा एहसास
    तुम्हारी ताकत का
    कमजोरी का
    क्योंकि
    मैं आज नहीं
    बीता हुआ कल हूँ"

    बहुत सुंदर !

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  27. सशक्त और प्रभावी रचना ...

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  28. कल ही तो इतिहास है
    सुन्दर..पोस्ट . होली की शुभ कामनाएं

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  29. बहुत बेहतरीन....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  30. रह रह कर
    कराता रहूँगा एहसास
    तुम्हारी ताकत का
    कमजोरी का
    क्योंकि
    मैं आज नहीं
    बीता हुआ कल हूँ

    jo beete hue kal par nazar rakhte hain..vahi apne aaj ko sudhar sakte hain....

    ReplyDelete
  31. उत्कृष्ट सृजन, विचारों को प्रवाह देता हुआ ...सुन्दर है बधाईयाँ /

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  32. सुन्दर प्रस्तुति

    Gyan Darpan
    ..

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  33. हाँ एहसास कराता रहता है बिता हुआ कल .

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  34. हाँ एहसास कराता रहता है बीता हुआ कल .

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  35. sunder-sunder abhiyakti....
    aapki aawaz me bhi sunna chahenge...............

    ReplyDelete
    Replies
    1. इन्दु जी ,
      आपकी इच्छानुसार इसे रिकॉर्ड करके इस लिंक पर लगाया है--http://bakwasofyashwant.blogspot.in/2012/03/audio-vesion.html

      सादर

      Delete
  36. we can learn a lot from our past !!
    an awesome read as ever yash..
    hope u doin fine !!

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  37. कुछ खट्टा
    कुछ मीठा
    कुछ तीखा
    कुछ कडुआ
    बीता हुआ कल पर ही तो ....

    आज .... और ,आने वाला

    कल .... निर्भर करता है.....

    कुछ खट्टा
    कुछ मीठा
    कुछ तीखा
    कुछ कडुआ

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  38. वाह बहुत खूब ....आज और कल की खूबसूरत परिभाषा

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  39. Yashwant ji
    bahut sundar likha hain aapne.
    beete hue pal ke har anubhav
    se hi vartmaan hota hain behtar
    aur bhavishy hota hain ujjwal.

    ReplyDelete
  40. बहुत सुंदर अहसास...हमारा अतीत किसी न किसी रूप में सामने आता ही रहता है !

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  41. रह रह कर
    कराता रहूँगा एहसास
    तुम्हारी ताकत का
    कमजोरी का
    क्योंकि
    मैं आज नहीं
    बीता हुआ कल हूँ


    बहुत सुंदर....मन का विश्वास जगाती कविता....
    हार्दिक बधाई..

    ReplyDelete
  42. कल के साथ ही ऐसा नही हैं बस हमारे साथ भी ऐसा ही हैं कुछ.....वो हमारे अच्छे हिस्से को रखना चाहते हैं और बुरे हिस्से को उखाड़ फेकना और फिर भी यही कहते हैं कि तुम जैसे हो हमने तुम्हे वैसा ही कबूल किया हैं



    बेहतरीन रचना

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  43. आपके "बीते हुए कल" को पढकर मेरा मन भी बीते पल में पलायन कर गया और मुखर हो ही गया! आश करती हूँ कि आपको मेरा "बीता कल" भी पसंद आएगा।
    जो कविता एक और कविता को जन्म दे उसके लिए सिवाए अति उत्‍तम के कुछ और कहा ही नहीं जा सकता।

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  44. सच कहा है ... बीता हुवा कल आज बनके सामने आता रहता है हमेशा ...

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  45. मेरे प्रिय दोस्त होली की सपरिवार शुभकामनायें |

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  46. शब्दों एवं भावों का बहुत ही सुन्दर एवं प्रभावशाली प्रवाह... शशक्त रचना के लिए बधाई...

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  47. सुन्दर प्रस्तुति !
    होली की ढेर साडी शुभकामनायें !

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  48. yashvant ji der se aane ke liye kshama chahti hoon aapki is shandar rachna ke liye badhaai bahut shreshth prastuti.holi ki shubhkamna.

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  49. आपको होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें!

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  50. बहुत ही सुंदर ............... बीते पालो से बहुत कुछ सीखा जा सकता है ...........

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  51. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति .....

    ReplyDelete

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